Santaan Sukh/संतान सुख

Astroevren

Santaan Sukh/संतान सुख

विवाह के बाद अगर जीवन में संतान सुख न हो तो जीवन अधूरा माना जाता है। जिस घर में बच्चे की किलकारियां नहीं गूंजती वह घर सूना ही रहता है। कुछ लोगों को तो संतान सुख बड़ी आसानी से प्राप्त हो जाता है। लेकिन कुछ लोगों को अपनी पूरी जिंदगी संतान सुख की प्राप्ति नही होती। जिसकी वजह से वह अत्यंत परेशान रहते हैं। लेकिन कुंडली देखकर यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि आपकी कुंडली में संतान सुख है कि नहीं तो आइए जानते हैं कुंडली में ऐसे कौन से योग होते हैं जिनके होने से संतान सुख की प्राप्ति होती है।
मानव जीवन में प्रत्येक रिश्ते की अपनी महत्वता है। जिस प्रकार कोई व्यक्ति अकेला नही रह सकता उसे अपने जीवन के किसी न किसी पड़ाव पर एक जीवनसाथी की आवश्यकता पड़ती ही है। उसी प्रकार संतान के बिना भी मनुष्य का जीवन अधूरा ही है। जिस घर में बच्चों की किलकारियां नहीं गूंजती वह घर अधूरा ही रहता है !
Lal Kitab
संतान सुख के लिए हमे केतु और भृहस्पत गृह के की चाल और और दोनों जातक की कुंडली के किस खाने में बैठे हैं ! देख कर पता लगाया जा सकता है ! ये दो ग्रहो को देख क्र पता लगाया जा सकता है की संतान सुख की प्राप्ति है या नहीं यदि है तो कितना समय लगेगा !
लाल किताब के उपाए से हम दोनों ग्रहो के प्रभाव को काम क्र सकते हैं यदि संतान सुख में देरी होरी है !

Lal Kitab
Life is considered incomplete if there is no child happiness in life after marriage. The house that does not resonate in a child’s house remains deserted. Some people get child happiness very easily. But some people do not get child happiness all their life. Because of which he remains extremely upset. But by looking at the horoscope, it can be easily ascertained whether there is child happiness in your horoscope, otherwise let us know what are the yogas in the horoscope, which results in child happiness.
Every relationship has its own importance in human life. Just as a person cannot live alone, he needs a
spouse at some point in his life. Similarly, a human life is incomplete even without children. The house where the children’s carcasses do not resonate remains incomplete.
Every relationship has its own importance in human life. Just as a person cannot live alone, he needs a spouse at some point in his life. Similarly, a human life is incomplete even without children. The house where the children’s carcasses do not resonate remains incomplete.
For the sake of child happiness, the two main planets which are resposible are Dragon Tail/Ketu and Brahaspati. To know if there is possibility or not and how much time it will take child birth/happiness, we need to identify position of these two planets.
With the accurate remedies of lal kitab/Redbook you can lower down the bad affect of these planets and lead a happy life.